


बड़ागांव तहसील के अंतर्गत हैदरपुर पंचायत में दलितों के लाभान्वित में भेदभाव देखा जा रहा है एक दलित व्यक्ति मुन्नू पिता दुर्जन अहिरवार लगातार आशा दी जा रही है पीएम आवाज दिया जाएगा। लेकिन तिरपाल डालकर कच्ची मकान में निवासरत मजबूरी में करना पड़ रहा है अंधेर नगरी जैसा कामकाज चल रहा है वहीं पंचायत में सविता पति सुकैया अहिरवार खाता पीएम आवास पहली किस्त 25000 की सरकार द्वारा जारी की गई उसने फाउंडेशन तैयार करके जिओटेक कराना चाहा तो सरपंच सचिव रोजगार सचिव द्वारा नहीं किया गया । मजबूरन हितग्राही को अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए दिल्ली कमाने के लिए जाना पड़ा जो आज भी फाउंडेशन भरा हुआ है लेकिन दूसरी किस्त जारी नहीं की गई।
ग्राम पंचायत हैदरपुर की जितनी तारीफ की जाए कम है।सूत्रों के अनुसार ।जानकारी प्राप्त हुई है पंचायत तो हरिजन है बंशकार महिला वर्तमान में सरपंच है लेकिन चलाने वाले दबंग लोग पंचायत का संचालन कर रहे हैं । जिससे वंचित दलित सरकारी योजनाओं का लाभान्वित लाभ नहीं मिल पा रहा है आखिर 79 साल देश को आजादी मिले हुए हो गए फिर भी वंचित लोगों एवं अंतिम व्यक्ति तक लाभ नहीं पहुंच पा रहा है केवल कागजों में खाना पूर्ति की जा रही है जमीन स्तर पर रिजल्ट शून्य दिख रहा है ।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी टीकमगढ़ टीम गठित कर जांच कमेटी के द्वारा जांच कर कर उचित करवाई लाभ अंतिम तक पहुंचने का कार्य करना उचित होगा।
तभी सरकारी योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके।

